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आइए जानें – किस इनकम के लिए कौन-सी ITR फॉर्म ज़रूरी है? (AY 2025-26)

आइए जानें – किस इनकम के लिए कौन-सी ITR फॉर्म ज़रूरी है? (AY 2025-26)

 

चाहे आप सैलरीड हों, बिज़नेस करते हों या फ्रीलांसर – सही फॉर्म चुनना ज़रूरी है।
हमारी डिटेल्ड गाइड पढ़ें और पेनाल्टी से बचें – www.jstax.in


ITR फाइलिंग का समय आ चुका है, और एक सवाल सबसे आम है:

“मुझे कौन-सा ITR फॉर्म भरना चाहिए?”

गलत फॉर्म चुनने से रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है, नोटिस आ सकती है, और आपको दोबारा फाइल करना पड़ सकता है। इसलिए, सही फॉर्म का चुनाव बेहद ज़रूरी है।

यहां हम AY 2025-26 (FY 2024-25) के लिए हर ITR फॉर्म की आसान गाइड लेकर आए हैं।


ITR फॉर्म क्यों अलग-अलग होते हैं?

इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स की विभिन्न कैटेगरी – जैसे सैलरीड व्यक्ति, बिज़नेस वाले, प्रोफेशनल्स, कंपनियां और ट्रस्ट – के लिए अलग-अलग ITR फॉर्म बनाए हैं।

हर फॉर्म आपकी इनकम के सोर्स, बिज़नेस टाइप और कुल आय के आधार पर तय होता है।


ITR Forms की पूरी लिस्ट (किसके लिए कौन-सा लागू है):

1. ITR-1 (सहज)

लागू होता है:

  • सैलरीड व्यक्ति, पेंशनर या जिनकी एक हाउस प्रॉपर्टी से इनकम है
  • कुल इनकम ₹50 लाख तक
  • एग्रीकल्चरल इनकम ₹5,000 तक

लागू नहीं होता:

  • कैपिटल गेन, बिज़नेस इनकम या एक से ज़्यादा प्रॉपर्टी होने पर
  • NRI या डायरेक्टर/अनलिस्टेड कंपनी के शेयर होल्डर

2. ITR-2

लागू होता है:

  • जिनकी इनकम सैलरी, पेंशन, एक से अधिक हाउस प्रॉपर्टी, कैपिटल गेन या अन्य स्रोतों से है
  • NRI और रेसिडेंट दोनों

लागू नहीं होता:

  • जिनकी बिज़नेस या प्रोफेशनल इनकम है (उन्हें ITR-3 भरना चाहिए)

3. ITR-3

लागू होता है:

  • Individuals/HUF जिनकी बिज़नेस या प्रोफेशनल इनकम है
  • फ्रीलांसर, डॉक्टर, वकील, CA, कंसल्टेंट
  • पार्टनरशिप फर्म के पार्टनर (फर्म नहीं)

लागू नहीं होता:

  • जिनकी कोई बिज़नेस/प्रोफेशन इनकम नहीं है (वे ITR-1 या 2 भरें)

4. ITR-4 (सुगम)

लागू होता है:

  • प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम (44AD, 44ADA, 44AE) के अंतर्गत
  • Individuals, HUF और Firms (LLP नहीं)
  • टर्नओवर ₹2 करोड़ (बिज़नेस) या ₹50 लाख (प्रोफेशन) तक

लागू नहीं होता:

  • जो रेसिडेंट नहीं हैं या डायरेक्टर हैं/अनलिस्टेड कंपनी में शेयर होल्डर हैं

5. ITR-5

लागू होता है:

  • पार्टनरशिप फर्म, LLP, AOP, BOI, सोसाइटी, लोकल अथॉरिटी

लागू नहीं होता:

  • Individuals और HUF

6. ITR-6

लागू होता है:

  • सभी कंपनियां (जिन्हें सेक्शन 11 के तहत छूट नहीं है)

लागू नहीं होता:

  • जिन पर सेक्शन 11 लागू है (धार्मिक या चैरिटेबल संस्थाएं)

7. ITR-7

लागू होता है:

  • ट्रस्ट, NGO, पॉलिटिकल पार्टी, रिसर्च संस्थान, चैरिटेबल संस्थाएं
  • जो सेक्शन 139(4A), 139(4B), 139(4C), 139(4D) के तहत रिटर्न फाइल करते हैं

टेबल: जल्दी समझने के लिए

ITR फॉर्मकिसके लिए लागूइनकम का प्रकार
ITR-1सैलरी, पेंशन, एक घर, ₹50 लाख तकसैलरी, ब्याज, छोटा कृषि इनकम
ITR-2Individual, NRIसैलरी, एक से अधिक घर, कैपिटल गेन, अन्य इनकम
ITR-3बिज़नेस/प्रोफेशनबिज़नेस, प्रोफेशन, सैलरी, कैपिटल गेन
ITR-4प्रेजम्पटिव स्कीम वालेटर्नओवर लिमिट के साथ बिज़नेस/प्रोफेशन
ITR-5फर्म, LLP, AOP, BOIबिज़नेस/अन्य इनकम
ITR-6कंपनियां (सेक्शन 11 छोड़कर)सभी कॉरपोरेट इनकम
ITR-7ट्रस्ट, NGO, धार्मिक संस्थानचैरिटेबल/स्पेसिफिक इनकम

आम गलतियाँ जो लोग करते हैं:

  1. सैलरी + कैपिटल गेन होते हुए भी ITR-1 भरना
  2. फ्रीलांसर होकर ITR-4 भरना (जबकि ITR-3 सही होता है)
  3. LLP को ITR-4 से फाइल करना (जबकि ITR-5 सही है)

निष्कर्ष (Call-to-Action):

सही ITR फॉर्म चुनना टैक्स फाइलिंग का सबसे अहम कदम है।
अगर आप ITR फाइलिंग 2025 को लेकर उलझन में हैं, तो JSTAX.in की एक्सपर्ट टीम आपकी मदद कर सकती है:

  • सही ITR फॉर्म चयन में
  • डॉक्युमेंट कलेक्शन और फाइलिंग में
  • पेनाल्टी से बचाव और तेज़ प्रोसेसिंग में

आज ही हमसे संपर्क करें और टैक्स की टेंशन से छुटकारा पाएं!

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